विद्याभारती E पाठशाला

Electro Magnets विद्युत चुम्बक

Electro Magnets विद्युत चुम्बक

Electro Magnets विद्युत चुम्बक। विद्युत धारा के प्रभाव से जिस लोहे में चुंबकत्व उत्पन्न होता है, उसे विद्युत चुंबक (Electromagnet) कहते हैं। इसके लिये लोहे पर तार लपेटकर उस तार से विद्युत् धारा बहाकर लोहे को चुंबकित किया जा सकता है। (लोहे पर चुंबक रगड़कर लोहे को चुंबकीय किया जा सकता है जो विद्युत चुम्बकत्व नहीं है)। अगर हम आसान शब्दों में बोले तो यदि किसी लोहे की कील के ऊपर इंसुलेटेड कॉपर वायर को लपेटकर उस वायर के अंदर हम बैटरी से सप्लाई देंगे तो लोहे की कील के अंदर मैग्नेट बन जाएगा अर्थात एक चुंबक की तरह काम करने लगेगी, और यदि उस वायर में से सप्लाई बंद कर दें तो वह एक साधारण कील बन जाएगी और वह कील मैगनेट की तरह कार्य नहीं करेगी इस प्रकार से बनाए गए चुंबक को हम इलेक्ट्रोमैग्नेट कहते हैं क्योंकि यह मैग्नेट बिजली से बनाया जाता है अर्थात इलेक्ट्रिक से बनाए गए मैग्नेट को हम इलेक्ट्रोमैग्नेट कहते हैं इस मैग्नेट का प्रभाव जब तक रहता है तब तक इस में धारा प्रवाहित की जाती है जैसे ही धारा बंद कर दी जाती है यह चुंबक बनना बंद हो जाता है। Electromagnet इलेक्ट्रो मैग्नेट बनाने का तरीका। इलेक्ट्रोमैग्नेट बनाना काफी आसान है हमें कुछ सामान की जरूरत पड़ेगी सामग्री इस प्रकार है। इंसुलेटेड कॉपर वायर एक बड़ी किल 9v बैटरी छोटी किले स्विच इलेक्ट्रो मैग्नेट कैसे काम करता है (How does electromagnets work) यदि हम किसी भी कॉपर वायर को कील के ऊपर लपेटगे, और उसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो उसकी के अंदर मैग्नेट पैदा हो जाता है। जिसे हम इलेक्ट्रोमैग्नेट कहते हैं और जैसे ही हम उसके अंदर विद्युत धारा को हटा लेते हैं तो उस कील के अंदर मैग्नेट बनना बंद हो जाता है। electromagnet इलेक्ट्रोमैग्नेट बनाना।(electromagnet making) सबसे पहले हम एक कील लेंगे जो थोड़ी मोटी होगी उस पर इंसुलेटेड कॉपर वायर 27 गेज को लपेटना शुरू करेंगे लगभग 150 टर्न होने के बाद इसके दोनों वायर छोर पर से इंसुलेशन हटाएंगे, इंसुलेशन हटाने के लिए हम वायर को आगे से किसी भी चाकू की सहायता से स्क्रैच कर हटाएंगे, इंसुलेशन हटते ही अंदर से कॉपर वायर निकल आएगा। यदि हम इंसुलेशन अच्छी तरीके से नहीं हटाएंगे तो यह बैटरी से कनेक्ट नहीं हो पाएगा अब हम वायर का एक सिरा बैटरी से जोड़ देंगे और दूसरे सिरे को स्विच की सहायता को बैटरी के दूसरे सिरे से जोड़ देंगे। अब हम जैसे ही स्विच को ऑन करेंगे हमारी वायर के अंदर विद्युत धारा प्रवाहित होने की वजह से मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न होगी। और कील के अंदर मैग्नेट बनने लगेगा आप कोई भी छोटी किलो को बड़ी की के पास ले जाएंगे तो वह उसे आसानी से चिपक जाएगी छोटी किले भी लोहे की ही होनी चाहिए और जैसे ही स्विच को ऑफ करेंगे तो मैग्नेट बनना बंद हो जाएगा और चिपकी हुई छोटी किले नीचे गिर जाएगी। hand made electromagnet making इलेक्ट्रोमैग्नेट इतिहास सन् 1820 ई. में Oersted ने आविष्कार किया कि विद्युत् धारा का प्रभाव चुंबकों पर पड़ता है। इसके बाद ही उसी साल ऐंरेगो (Arago) ने यह आविष्कार किया कि ताँबे के तार में बहती हुई विद्युत् धारा के प्रभाव से इसके निकट रखे लोहे और इस्पात के टुकड़े चुंबकित हो जाते हैं।

By- पीयूष राठोड

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